ग़ज़ल और कविता कोष :: Gazalz, Kavita Collection
दोस्तों ये खजाना आप लोगो के लिये।
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सईद राही
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सईद राही
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September 9, 2009
तुम नहीं, ग़म नहीं, शराब नहीं,
प्रस्तुतकर्ता
Unknown
at
6:54 AM
तुम नहीं, ग़म नहीं, शराब नहीं,
ऐसी तन्हाई का जवाब नहीं,
गाहे गाहे इसे पढ़ा कीजे,
दिल से बेहतर कोई किताब नहीं,
जाने किस किस की मौत आयी है,
आज रुख़ पे कोई नक़ाब नहीं,
वो करम उँगलियों पे गिनते हैं,
ज़ुल्म का जिनके कुछ हिसाब नहीं.
::
जगजीत सिंह जी की गई हुयी एक बहुत खुबसूरत ग़ज़ल
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August 29, 2009
जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
प्रस्तुतकर्ता
Unknown
at
9:04 PM
मेरे जैसे बन जाओगे जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
दीवारों से टकराओगे जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
हर बात गवारा कर लोगे मन्नत भी उतारा कर लोगे
ताबीजें भी बंधवाओगे जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
तन्हाई के झूले झूलोगे, हर बात पुरानी भूलोगे
आईने से घबराओगे, जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
जब सूरज भी खो जायेगा और चाँद कहीं सो जायेगा
तुम भी घर देर से आओगे जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
बेचैनी जब बढ़ जायेगी और याद किसी की आयेगी
तुम मेरी गज़लें गाओगे जब इश्क तुम्हें हो जायेगा
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